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अम्बेडकर डीबीटी वाउचर योजना के संचालन की प्रक्रिया

  अम्बेडकर डीबीटी वाउचर योजना के संचालन की प्रक्रिया 1. योजना का लाभः योजनान्तर्गत SC, ST, OBC, MBC, EWS के छात्र जो राजकीय महाविद्यालय की स्नातक अथवा स्नातकोत्तर कक्षाओं में नियमित रूप से अध्ययनरत छात्रों को देय होगा। 2. श्रेणीवार छात्रों का विभाजनः योजनान्तर्गत अनुसूचित जाति के 1500, अनुसूचित जनजाति के 1500, अन्य पिछडा वर्ग के 750, अति पिछडा वर्ग के 750, आर्थिक पिछडा वर्ग के 500 विद्यार्थियों को लाभ दिया जावेगा। 3. पात्रता:-  • अभ्यर्थी राजस्थान का मूल निवासी हो। • अभ्यर्थी अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अभ्यर्थी अन्य पिछडा वर्ग, अति पिछडा वर्ग, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग का सदस्य हो। • अभ्यर्थी के माता-पिता, अभिभावक की वार्षिक आय (अभ्यर्थी की आय को सम्मिलित करते हुए यदि हो तो) SC, ST, MBC के छात्र की वार्षिक आय 2.50 लाख रू., OBC के लिए 1.50 लाख रु. व EWS के लिए 1.00 लाख रु. से अधिक नहीं हो। • जिला स्तर पर स्थित राजकीय महाविद्यालय में शैक्षणिक पाठ्‌यक्रम (एकेडमिक कोर्स) में अध्ययनरत् हो। • अभ्यर्थी जिस जिले के राजकीय महाविद्यालय में अध्ययनरत् है उस नगर निगम नगर परिषद नगर पा...

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बिजासन माता मन्दिर के आसपास पेंथर आया नजर

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  बीजासन माता मंदिर परिक्षेत्र में शनिवार सुबह 5 बजे पैंथर का मूवमेंट देखा गया। मंदिर की सुबह बड़ी वाली परिक्रमा लगाने वाले कई श्रद्धालुओं ने पैंथर को देखा। कुछ श्रद्धालुओं ने उसका वीडियो बनाया।   निवासी राजेश ने बताया कि वह बीजासन माता मंदिर की 6 किमी बड़ी वाली परिक्रमा लगाने गए थे। तब उन्होंने सवाई माधोपुर रोड पर माताजी की पहाड़ी पर पैंथर को निकलते हुए देखा। बीजासन माता मंदिर समिति के सचिव एडवोकेट त्रिलोकीनाथ योगी ने बताया कि मंदिर में श्रद्धालुओं के लिए सुबह 5 से रात 9 बजे तक प्रवेश की अनुमति दी गई है।  पैंथर की कई दिनों से मंदिर क्षेत्र की पहाड़ियों पर मौजूदगी बनी हुई है। यात्रियों की सुरक्षा के मद्देनजर इसके लिए बार-बार अनाउंसमेंट भी किया जाता है। रात 9 बजे के बाद ऊपर जाने वाले मंदिर का मुख्य गेट लगा दिया जाता है। वन कर्मचारी की वहां पर ड्यूटी लगाई है। रात के समय यात्री अकेले जाने से बचें। इंद्रगढ़. बीजासन माता मंदिर क्षेत्र में कुछ दिनों पूर्व यह पैंथर देखा गया था।

भुमि पूजन हुआ, राव सुरजमल की छतरी का

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 कोटा ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट की प्रस्तावित जमीन पर पिछले दिनों बूंदी के पूर्व नरेश राव सूरजमल हाड़ा की ध्वस्त की गई छतरी स्थल पर शुक्रवार को कोटा और बूंदी के पूर्व राजपरिवार के सदस्यों की मौजूदगी में पुरोहितों ने विधिवत भूमि शुद्धीकरण और पुनर्निर्माण के लिए पूजन किया। इसका आयोजन कोटा और बूंदी के पूर्व राजपरिवार की ओर से रखा गया था। अब करीब पांच करोड़ की लागत से छतरी और पेनोरोमा का निर्माण कार्य कोटा विकास प्राधिकरण की ओर से किया जाएगा। छतरी के फिर से निर्माण के शिलान्यास के लिए कोटा से पूर्व सांसद इज्यराज सिंह, राजपूत समाज व विश्व हिन्दू परिषद के कार्यकर्ता रैली के रूप में बूंदी जिले की सीमा में तुलसी गांव स्थित छतरी स्थल पर पहुंचे। पूर्व सांसद इज्यराजसिंह, कोटा के पूर्व राजपरिवार के सदस्य जयदेव सिंह, बूंदी के पूर्व राजपरिवार के सदस्य वंशवर्धन सिंह के साथ छतरी निर्माण के लिए विधिवत पूजा अर्चना की। इस अवसर पर इज्यराजसिंह ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि जल्द ही ऐतिहासिक छतरी का निर्माण इसी जगह प्रारम्भ होगा। राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना के प्रदेश उपाध्यक्ष मंजीत सिंह नाथावत ने बताया कि...